FB २३४३ -पूज्य बाबूजी की विचार धारा : "प्रतिभा का पहला और सबसे महत्वपूर्ण गुण ये है कि वो अपने को पहचान लेती है । वो अपनी रुचि , प्रवृति , अपना झुकाव , स्वभाव , अपनी क्षमताएँ , अपनी सम्भावनाएँ , अपनी प्रगति, अपने विकास की दिशा जान लेती है , ओर उसी ओर अपनी सारी शक्ति लगा देती है, ओर उन्नति का शिखर छू लेती है" ~ HRB

An enigmatic superstar | The Shahenshah of Bollywood

FB २३४३ -पूज्य बाबूजी की विचार धारा : "प्रतिभा का पहला और सबसे महत्वपूर्ण गुण ये है कि वो अपने को पहचान लेती है । वो अपनी रुचि , प्रवृति , अपना झुकाव , स्वभाव , अपनी क्षमताएँ , अपनी सम्भावनाएँ , अपनी प्रगति, अपने विकास की दिशा जान लेती है , ओर उसी ओर अपनी सारी शक्ति लगा देती है, ओर उन्नति का शिखर छू लेती है" ~ HRB

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