FB 2821 - बाबूजी की कुछ पंक्तियाँ : "लौह का वह ठोस बन कर है निकलता जो कि लोहे से लड़ा है । गर्म लोहा पीट , ठंडा पीटने को वक्त बहुतेरा पड़ा है " ~ हरिवंश राय बच्चन

An enigmatic superstar | The Shahenshah of Bollywood

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