FB 2817 - अकेलेपन का बल पहचान शब्द कहाँ जो तुझको टोके हाथ कहाँ जो तुझको रोके राह वही है, दिशा वही है, तू करे जिधर प्रस्थान अकेलेपन का बल पहचान । जब तू चाहे तब मुसकाए, जब चाहे तब अश्रु बहाए, राग वही तू जिसमें गाना चाहे अपना गान । अकेलेपन का बल पहचान । तन-मन अपना, जीवन अपना, अपना ही जीवन का सपना, जहां और जब चाहे कर दे तू सब कुछ बलिदान । अकेलेपन का बल पहचान । ~ हरिवंश राय बच्चन

An enigmatic superstar | The Shahenshah of Bollywood

Amitabh Bachchan, An enigmatic superstar | The Shahenshah of Bollywood

FB 2817 -
अकेलेपन का बल पहचान
शब्द कहाँ जो तुझको टोके
हाथ कहाँ जो तुझको रोके
राह वही है, दिशा वही है, तू करे जिधर प्रस्थान
अकेलेपन का बल पहचान ।

जब तू चाहे तब मुसकाए,
जब चाहे तब अश्रु बहाए,
राग वही तू जिसमें गाना चाहे अपना गान ।
अकेलेपन का बल पहचान ।

तन-मन अपना, जीवन अपना,
अपना ही जीवन का सपना,
जहां और जब चाहे कर दे तू सब कुछ बलिदान ।
अकेलेपन का बल पहचान ।

~ हरिवंश राय बच्चन

FB 2817 - अकेलेपन का बल पहचान शब्द कहाँ जो तुझको टोके हाथ कहाँ जो तुझको रोके राह वही है, दिशा वही है, तू करे जिधर प्रस्थान अकेलेपन का बल पहचान । जब तू चाहे तब मुसकाए, जब चाहे तब अश्रु बहाए, राग वही तू जिसमें गाना चाहे अपना गान । अकेलेपन का बल पहचान । तन-मन अपना, जीवन अपना, अपना ही जीवन का सपना, जहां और जब चाहे कर दे तू सब कुछ बलिदान । अकेलेपन का बल पहचान । ~ हरिवंश राय बच्चन

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