FB 2806 - बाबूजी की कविता के कुछ पल । वो इसी तरह गाया करते थे कवि सम्मेलनों में । अस्पताल के अकेले पन में उनकी बहुत याद आती है, और उन्हीं के शब्दों से अपनी सूनी रातों को आबाद करता हूँ ।

An enigmatic superstar | The Shahenshah of Bollywood

FB 2806 - बाबूजी की कविता के कुछ पल । वो इसी तरह गाया करते थे कवि सम्मेलनों में । अस्पताल के अकेले पन में उनकी बहुत याद आती है, और उन्हीं के शब्दों से अपनी सूनी रातों को आबाद करता हूँ ।

FB 2806 - बाबूजी की कविता के कुछ पल । वो इसी तरह गाया करते थे कवि सम्मेलनों में । अस्पताल के अकेले पन में उनकी बहुत याद आती है, और उन्हीं के शब्दों से अपनी सूनी रातों को आबाद करता हूँ ।

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