FB 2637 - पहले हमारी सोच , हमारी होती थी - व्यक्तिगत । उसे हम बाहर व्यक्त नहीं कर पाते थे , या करना नहीं चाहते थे । अब ऐसे साधन आ गए हैं जीवन में , की हम अपनी सोच व्यक्त करके उसे सार्वजनिक भी कर सकते हैं । पहले बेहतर था या अब ? उत्तर चाहें तो व्यक्तिगत रखें, या सार्वजनिक 😀

An enigmatic superstar | The Shahenshah of Bollywood

Amitabh Bachchan, An enigmatic superstar | The Shahenshah of Bollywood

FB 2637 -
पहले हमारी सोच , हमारी होती थी - व्यक्तिगत । उसे हम बाहर व्यक्त नहीं कर पाते थे , या करना नहीं चाहते थे ।
अब ऐसे साधन आ गए हैं जीवन में , की हम अपनी सोच व्यक्त करके उसे सार्वजनिक भी कर सकते हैं ।

पहले बेहतर था या अब ?
उत्तर चाहें तो व्यक्तिगत रखें, या सार्वजनिक 😀

FB 2637 - पहले हमारी सोच , हमारी होती थी - व्यक्तिगत । उसे हम बाहर व्यक्त नहीं कर पाते थे , या करना नहीं चाहते थे । अब ऐसे साधन आ गए हैं जीवन में , की हम अपनी सोच व्यक्त करके उसे सार्वजनिक भी कर सकते हैं । पहले बेहतर था या अब ? उत्तर चाहें तो व्यक्तिगत रखें, या सार्वजनिक 😀

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