FB २६०५ 2605 - Babuji poem : titled 'बुध और नाचगहर ' ।। this was written in '52-'54, when he was doing his PhD from Cambridge, England .. .. what Buddha taught - "जीवन है एक चुभा हुआ तीर , छटपटाता मन , तड़फड़ाता शरीर सच्चाई है - सिद्ध करने की ज़रूरत है ? पीर पीर पीर । तीर को दो पहले निकाल , किसने किया शर का संधान ? क्यूँ किया शर का संधान ? किस क़िस्म का है बाण ? ये हैं बाद के सवाल । तीर को दो पहले निकाल " ~ HRB

An enigmatic superstar | The Shahenshah of Bollywood

Amitabh Bachchan, An enigmatic superstar | The Shahenshah of Bollywood

FB २६०५ 2605 -
Babuji poem : titled 'बुध और नाचगहर ' ।।
this was written in '52-'54, when he was doing his PhD from Cambridge, England ..
.. what Buddha taught -

"जीवन है एक चुभा हुआ तीर ,
छटपटाता मन , तड़फड़ाता शरीर
सच्चाई है - सिद्ध करने की ज़रूरत है ?
पीर पीर पीर ।
तीर को दो पहले निकाल ,
किसने किया शर का संधान ?
क्यूँ किया शर का संधान ?
किस क़िस्म का है बाण ?
ये हैं बाद के सवाल ।
तीर को दो पहले निकाल " ~ HRB

FB २६०५ 2605 - Babuji poem : titled 'बुध और नाचगहर ' ।। this was written in '52-'54, when he was doing his PhD from Cambridge, England .. .. what Buddha taught - "जीवन है एक चुभा हुआ तीर , छटपटाता मन , तड़फड़ाता शरीर सच्चाई है - सिद्ध करने की ज़रूरत है ? पीर पीर पीर । तीर को दो पहले निकाल , किसने किया शर का संधान ? क्यूँ किया शर का संधान ? किस क़िस्म का है बाण ? ये हैं बाद के सवाल । तीर को दो पहले निकाल " ~ HRB

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