FB 2471 - "हर दिन की रोशनी से निराश ना हो बंद हो जाने पर, कोई विनाश ना हो मैं तो हूँ बस इक ज़रिया दिनचर्या का कल फिर खिलेंगे फूल, सुगंधित आशा के प्रज्वलित होगा ये समा , दूर निराशा के" ~ अब

An enigmatic superstar | The Shahenshah of Bollywood

Amitabh Bachchan, An enigmatic superstar | The Shahenshah of Bollywood

FB 2471 -
"हर दिन की रोशनी से निराश ना हो
बंद हो जाने पर, कोई विनाश ना हो
मैं तो हूँ बस इक ज़रिया
दिनचर्या का
कल फिर खिलेंगे फूल, सुगंधित आशा के
प्रज्वलित होगा ये समा , दूर निराशा के" ~ अब

FB 2471 - "हर दिन की रोशनी से निराश ना हो बंद हो जाने पर, कोई विनाश ना हो मैं तो हूँ बस इक ज़रिया दिनचर्या का कल फिर खिलेंगे फूल, सुगंधित आशा के प्रज्वलित होगा ये समा , दूर निराशा के" ~ अब

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