FB 2278 - मृगमीनसज्जनानां तृण-जल-संतोष विहितवृत्तीनाम्। लुब्धक-धीवर-पिशुना निष्कारणमेव वैरिणो जगति।। (भर्तृहरि-नीतिशतकम्,६१) अर्थात्- हरिण,मछली और सज्जन क्रमशः तृण,(घास,फूस)जल और संतोष पर अपना जीवन-निर्वाह करते हैं, किसी को कुछ नहीं कहते परन्तु व्याध, (शिकारी)मछुआरे, और दुष्ट अकारण ही इनसे वैर करते हैं। सादर प्रणाम🌺🙏🙏🙏🌺

An enigmatic superstar | The Shahenshah of Bollywood

Amitabh Bachchan, An enigmatic superstar | The Shahenshah of Bollywood

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मृगमीनसज्जनानां
तृण-जल-संतोष विहितवृत्तीनाम्। लुब्धक-धीवर-पिशुना
निष्कारणमेव वैरिणो जगति।।
(भर्तृहरि-नीतिशतकम्,६१)
अर्थात्-
हरिण,मछली और सज्जन क्रमशः तृण,(घास,फूस)जल और संतोष पर अपना जीवन-निर्वाह करते हैं, किसी को कुछ नहीं कहते परन्तु व्याध, (शिकारी)मछुआरे, और दुष्ट अकारण ही इनसे वैर करते हैं।
सादर प्रणाम🌺🙏🙏🙏🌺

FB 2278 - मृगमीनसज्जनानां तृण-जल-संतोष विहितवृत्तीनाम्। लुब्धक-धीवर-पिशुना निष्कारणमेव वैरिणो जगति।। (भर्तृहरि-नीतिशतकम्,६१) अर्थात्- हरिण,मछली और सज्जन क्रमशः तृण,(घास,फूस)जल और संतोष पर अपना जीवन-निर्वाह करते हैं, किसी को कुछ नहीं कहते परन्तु व्याध, (शिकारी)मछुआरे, और दुष्ट अकारण ही इनसे वैर करते हैं। सादर प्रणाम🌺🙏🙏🙏🌺

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