FB 2199 - remembering my Father .. in a moment of solace and peace .. “ ये चाँद उदित होकर नभ में , कुछ ताप मिटाता जीवन का , लहरा लहरा ये शाखाएँ कुछ शोक भुला देतीं मन का , कल मुरझाने वाली कलियाँ हंस कर कहती हैं मग्न रहो , बुलबुल तरु की फुनगी पर से , संदेश सुनाती यौवन का , तुम देकर मदिरा के प्याले मेरा मन बहला देती हो , उस पार मुझे बहलाने का , उपचार ना जाने क्या होगा ! इस पार प्रिये मधु है तुम हो उस पार ना जाने क्या होगा ” ~ बच्चन

An enigmatic superstar | The Shahenshah of Bollywood

Amitabh Bachchan, An enigmatic superstar | The Shahenshah of Bollywood

FB 2199 - remembering my Father .. in a moment of solace and peace ..

“ ये चाँद उदित होकर नभ में , कुछ ताप मिटाता जीवन का ,

लहरा लहरा ये शाखाएँ कुछ शोक भुला देतीं मन का ,

कल मुरझाने वाली कलियाँ हंस कर कहती हैं मग्न रहो ,

बुलबुल तरु की फुनगी पर से , संदेश सुनाती यौवन का ,

तुम देकर मदिरा के प्याले मेरा मन बहला देती हो ,

उस पार मुझे बहलाने का , उपचार ना जाने क्या होगा !

इस पार प्रिये मधु है तुम हो उस पार ना जाने क्या होगा ”

~ बच्चन

FB 2199 - remembering my Father .. in a moment of solace and peace .. “ ये चाँद उदित होकर नभ में , कुछ ताप मिटाता जीवन का , लहरा लहरा ये शाखाएँ कुछ शोक भुला देतीं मन का , कल मुरझाने वाली कलियाँ हंस कर कहती हैं मग्न रहो , बुलबुल तरु की फुनगी पर से , संदेश सुनाती यौवन का , तुम देकर मदिरा के प्याले मेरा मन बहला देती हो , उस पार मुझे बहलाने का , उपचार ना जाने क्या होगा ! इस पार प्रिये मधु है तुम हो उस पार ना जाने क्या होगा ” ~ बच्चन

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