FB 2165 - *उदये सविता रक्तो रक्त:श्चास्तमये तथा।* *सम्पत्तौ च विपत्तौचमहतामेकरूपता॥* *भावार्थ -* जिस प्रकार उदय होते समय सूर्य लाल होता है और अस्त होते समय भी लाल होता है, उसी प्रकार सुख और दुःख, सम्पत्ति और विपत्ति में जो एक समान रहते हैं, वही वास्तविक महापुरुष होते हैं। 🙏🙏🙏 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

An enigmatic superstar | The Shahenshah of Bollywood

FB 2165 - *उदये सविता रक्तो रक्त:श्चास्तमये तथा।* *सम्पत्तौ च विपत्तौचमहतामेकरूपता॥* *भावार्थ -* जिस प्रकार उदय होते समय सूर्य लाल होता है और अस्त होते समय भी लाल होता है, उसी प्रकार सुख और दुःख, सम्पत्ति और विपत्ति में जो एक समान रहते हैं, वही वास्तविक महापुरुष होते हैं। 🙏🙏🙏 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

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