FB 1962 - वे जो सब से ज़्यादा अकेले होते हैं, ज़्यादा दयालु होते हैं ; वे जो सब से ज़्यादा दुखी होते हैं , ज़्यादा मुस्कुराते हैं ; और जो जीवन में सब से ज़्यादा टूट चुके होते हैं, वे ज़्यादा अकलमंद होते हैं ; क्यूँकि, वे नहीं चाहते की जो कष्ट उन्हें हो रहा है, वो दूसरों को हो ~

An enigmatic superstar | The Shahenshah of Bollywood

Amitabh Bachchan, An enigmatic superstar | The Shahenshah of Bollywood

FB 1962 -
वे जो सब से ज़्यादा अकेले होते हैं, ज़्यादा दयालु होते हैं ; वे जो सब से ज़्यादा दुखी होते हैं , ज़्यादा मुस्कुराते हैं ; और जो जीवन में सब से ज़्यादा टूट चुके होते हैं, वे ज़्यादा अकलमंद होते हैं ; क्यूँकि, वे नहीं चाहते की जो कष्ट उन्हें हो रहा है, वो दूसरों को हो ~

FB 1962 - वे जो सब से ज़्यादा अकेले होते हैं, ज़्यादा दयालु होते हैं ; वे जो सब से ज़्यादा दुखी होते हैं , ज़्यादा मुस्कुराते हैं ; और जो जीवन में सब से ज़्यादा टूट चुके होते हैं, वे ज़्यादा अकलमंद होते हैं ; क्यूँकि, वे नहीं चाहते की जो कष्ट उन्हें हो रहा है, वो दूसरों को हो ~

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