FB 1808 - from Ef Shalini एक दिन उम्र ने तलाशी ली, तो जेब से लम्हे बरामद हुए _कुछ ग़म के थे,_ _कुछ नम से थे,_ _कुछ टूटे हुए थे,_ जो सही सलामत मिले.... वो बचपन के थे..!!

An enigmatic superstar | The Shahenshah of Bollywood

Amitabh Bachchan, An enigmatic superstar | The Shahenshah of Bollywood

FB 1808 - from Ef Shalini

एक दिन उम्र ने तलाशी ली,
तो जेब से लम्हे बरामद हुए

_कुछ ग़म के थे,_
_कुछ नम से थे,_
_कुछ टूटे हुए थे,_

जो सही सलामत मिले....

वो बचपन के थे..!!

FB 1808 - from Ef Shalini एक दिन उम्र ने तलाशी ली, तो जेब से लम्हे बरामद हुए _कुछ ग़म के थे,_ _कुछ नम से थे,_ _कुछ टूटे हुए थे,_ जो सही सलामत मिले.... वो बचपन के थे..!!

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